SII की नई वैक्सीन:छोटे बच्चों को कोरोना के गंभीर लक्षणों से बचा सकता है निमोनिया का देसी टीका

  • SII का दावा- जनवरी में कोवीशील्ड को मिल सकता है इमरजेंसी अप्रूवल
  • 4-5 करोड़ वैक्सीन का स्टॉक तैयार, जुलाई तक 10 करोड़ डोज की तैयार

दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीन मैन्युफैक्चरर सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (SII) ने भारत की पहली स्वदेशी निमोकोक्कल वैक्सीन- निमोसिल लॉन्च की है। कंपनी ने बताया कि कोविड-19 के गंभीर लक्षणों में से एक है- निमोनिया। अभी दुनियाभर में जो कोविड-19 वैक्सीन बन रही हैं, उनके टेस्ट छोटे बच्चों पर नहीं किए गए हैं। ऐसे में यह वैक्सीन छोटे बच्चों को कोरोना के गंभीर लक्षणों से बचा सकती है।

SII के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. राजीव ढेरे ने कहा, “कोविड-19 के गंभीर लक्षणों में से एक निमोनिया है। ऐसे में हम उम्मीद कर सकते हैं कि निमोकोक्कल वैक्सीन बच्चों में गंभीर निमोनिया को रोकने में अहम रोल निभाएगी। वैसे भी इस समय कोविड-19 के लिए जो वैक्सीन बन रही है, वह बच्चों के लिए नहीं है। ऐसे में वैक्सीन- निमोसिल बच्चों को कोविड-19 के गंभीर लक्षणों से बचा सकती है।”

वैक्सीन से बच्चों को लंबे वक्त तक सुरक्षा मिलेगी

निमोसिल को SII ने PATH और बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के साथ मिलकर विकसित किया है। यह भारत समेत कम और मध्यम आय वाले देशों में वैक्सीन को आसानी से मुहैया कराने की दिशा में बड़ी कामयाबी है। नई वैक्सीन बच्चों को निमोकोक्कल बीमारियों के खिलाफ असरदार और लंबे समय तक प्रोटेक्शन देगी।

PCV का तीसरा बड़ा सप्लायर बना SII
नई वैक्सीन के साथ ही एडवांस मार्केट कमिटमेंट (AMC) के तहत SII निमोकोक्कल कंजुगेट वैक्सीन (PCV) के लिए दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा सप्लायर बन गया है। SII विकासशील देश का पहला वैक्सीन मैन्युफैक्चरर होगा, जो ग्लोबल PCV मार्केट में प्रतिस्पर्धा करेगा।

स्वास्थ्य मंत्री बोले- वैक्सीन पब्लिक हेल्थ के लिए अहम

वैक्सीन की लॉन्चिंग के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि यह देश के पब्लिक हेल्थकेयर के लिए बड़ी उपलब्धि है। यह किफायती और हाई-क्वालिटी वैक्सीन बच्चों को निमोकोक्कल बीमारी से प्रोटेक्शन देगी।

SII के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा कि निमोकोक्कल बीमारी की वजह से दुनियाभर में पांच साल से कम उम्र के बच्चों के लिए खतरा बना रहता है। 2018 में निमोकोक्कल की वजह से 67 हजार 800 बच्चों की मौत 5 साल से कम उम्र में हो गई। ऐसे बच्चों को बचाने में यह वैक्सीन कारगर रहेगी।

कोवीशील्ड को भी जल्द मिलेगी मंजूरी
SII के सीईओ अदार पूनावाला का दावा है कि कोविड-19 के लिए एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की बनाई वैक्सीन- कोवीशील्ड को देश में जनवरी के शुरुआती हफ्तों में इमरजेंसी अप्रूवल मिल जाएगा। अभी 4-5 करोड़ वैक्सीन का स्टॉक तैयार है। जुलाई-2021 तक कंपनी 10 करोड़ वैक्सीन उपलब्ध करा देगी।

कोवीशील्ड के असरदार होने के सवाल पर पूनावाला ने कहा, “कोवीशील्ड को लेकर किसी तरह का संदेह नहीं है। एस्ट्राजेनेका के सीईओ ने भी साफ किया है कि यह वैक्सीन 100% इफेक्टिव है। ऐसे में हमें ड्रग रेगुलेटर के फैसले का इंतजार करना चाहिए। उम्मीद है कि जनवरी में हमारी वैक्सीन को इमरजेंसी अप्रूवल मिल जाएगा।”

Share and Enjoy !

Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shares